वाल्मीकि रामायण 6.17.50
अथ सम्स्कार सम्पन्नो हनूमान् सचिव उत्तमः ।उवाच वचनम् श्लक्ष्णम् अर्थवन् मधुरम् लघु॥
atha samskāra sampanno hanūmān saciva uttamaḥ |uvāca vacanam ślakṣṇam arthavan madhuram laghu ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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