वाल्मीकि रामायण 6.22.32
द्रुमकुल्य इति ख्यातो लोके ख्यातो यथा भवान् ।उग्रदर्शनकर्माणो बहवस्तत्र दस्यवः॥
drumakulya iti khyāto loke khyāto yathā bhavān |ugradarśanakarmāṇo bahavastatra dasyavaḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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