वाल्मीकि रामायण 6.22.42
एवमेतैर्गुणैर्युक्तो बहिभिः सम्युतो मरुः ।रामस्य वरदानाच्च शिवः पन्था बभूव ह॥
evametairguṇairyukto bahibhiḥ samyuto maruḥ |rāmasya varadānācca śivaḥ panthā babhūva ha ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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