वाल्मीकि रामायण 6.22.71
योजनानि त्रयोविम्शत्सुवेलमधिकृत्य वै ।स वानरवरः श्रीमान् विश्वकर्मात्मजो बली॥
yojanāni trayovimśatsuvelamadhikṛtya vai |sa vānaravaraḥ śrīmān viśvakarmātmajo balī ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें