वाल्मीकि रामायण 6.28.39
शतमोघसहस्राणाम् महौघ इति विश्रुतः ।एवम् कोटि सहस्रेण शन्कूनाम् च शतेन च॥
śatamoghasahasrāṇām mahaugha iti viśrutaḥ |evam koṭi sahasreṇa śankūnām ca śatena ca ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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