वाल्मीकि रामायण 6.41.73
सो ऽतिपत्य मुहूर्तेन श्रीमान्रावणमन्दिरम् ।ददर्शासीनमव्यग्रं रावणं सचिवैः सह॥
so 'tipatya muhūrtena śrīmānrāvaṇamandiram |dadarśāsīnamavyagraṃ rāvaṇaṃ sacivaiḥ saha ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें