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वाल्मीकि रामायण 6.41.8
तमेवं वादिनं रामं सुग्रीवः प्रत्यभाषत॥
tamevaṃ vādinaṃ rāmaṃ sugrīvaḥ pratyabhāṣata ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलेंतमेवं वादिनं रामं सुग्रीवः प्रत्यभाषत॥
tamevaṃ vādinaṃ rāmaṃ sugrīvaḥ pratyabhāṣata ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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