वाल्मीकि रामायण 6.46.39
तस्मादुत्सृज्य वैक्लव्यं सर्वकार्यविनाशनम् ।हितं रामपुरोगाणां सैन्यानामनुचिन्त्यताम्॥
tasmādutsṛjya vaiklavyaṃ sarvakāryavināśanam |hitaṃ rāmapurogāṇāṃ sainyānāmanucintyatām ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें