वाल्मीकि रामायण 6.49.2
सर्वे ते वानरश्रेष्ठाः ससुग्रीवा महाबलाः ।परिवार्य महात्मानौ तस्थुः शोकपरिप्लुताः॥
sarve te vānaraśreṣṭhāḥ sasugrīvā mahābalāḥ |parivārya mahātmānau tasthuḥ śokapariplutāḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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