वाल्मीकि रामायण 6.58.11
बहवो राक्षसा युद्धे बहून् वानरयूथपान् ।वानरा राक्षसांश्चापि निजघ्नुर्बहवो बहून्॥
bahavo rākṣasā yuddhe bahūn vānarayūthapān |vānarā rākṣasāṃścāpi nijaghnurbahavo bahūn ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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