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वाल्मीकि रामायण 6.59.128
ज्याशब्दमकरोत्तीवं वज्रनिष्पेषनिस्वनम्॥
jyāśabdamakarottīvaṃ vajraniṣpeṣanisvanam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलेंज्याशब्दमकरोत्तीवं वज्रनिष्पेषनिस्वनम्॥
jyāśabdamakarottīvaṃ vajraniṣpeṣanisvanam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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