वाल्मीकि रामायण 6.60.14
स पराजितमात्मानं प्रहस्तं च निषूदितम् ।ज्ञात्वा रक्षोबलं भीममादिदेश महाबलः॥
sa parājitamātmānaṃ prahastaṃ ca niṣūditam |jñātvā rakṣobalaṃ bhīmamādideśa mahābalaḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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