वाल्मीकि रामायण 6.65.12
तस्मात्तु भयनाशार्थं भवान् सम्बोधितो मया।अयं हि कालः सुहृदां राक्षसानामरिन्दम॥
tasmāttu bhayanāśārthaṃ bhavān sambodhito mayā |ayaṃ hi kālaḥ suhṛdāṃ rākṣasānāmarindama ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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