वाल्मीकि रामायण 6.69.10
ततो ऽहमहमित्येव गर्जन्तो नैर्ऋतर्षभाः।रावणस्य सुता वीराः शक्रतुल्यपराक्रमाः॥
tato 'hamahamityeva garjanto nairṛtarṣabhāḥ |rāvaṇasya sutā vīrāḥ śakratulyaparākramāḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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