वाल्मीकि रामायण 6.69.19
त्रिशिराश्चातिकायश्च देवान्तकनरान्तकौ।महोदरमहापार्श्वो निर्जग्मुः कालचोदिताः॥
triśirāścātikāyaśca devāntakanarāntakau |mahodaramahāpārśvo nirjagmuḥ kālacoditāḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें