वाल्मीकि रामायण 6.69.20ततः सुदर्शनं नाम नीलजीमूतसन्निभम्।ऐरावतकुले जातमारुरोह महोदरः॥tataḥ sudarśanaṃ nāma nīlajīmūtasannibham |airāvatakule jātamāruroha mahodaraḥ ||इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें