वाल्मीकि रामायण 6.69.24
त्रिभिः किरीटैः शुशुभे त्रिशिराः स रथोत्तमे।हिमवानिव शैलेन्द्रस्त्रिभिः काञ्चनपर्वतैः॥
tribhiḥ kirīṭaiḥ śuśubhe triśirāḥ sa rathottame |himavāniva śailendrastribhiḥ kāñcanaparvataiḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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