वाल्मीकि रामायण 6.69.39
जगर्जुश्च प्रणेदुश्च चिक्षिपुश्चापि सायकान्।जगृहुश्चापि ते वीरा निर्यान्तो युद्धदुर्मदाः॥
jagarjuśca praṇeduśca cikṣipuścāpi sāyakān |jagṛhuścāpi te vīrā niryānto yuddhadurmadāḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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