वाल्मीकि रामायण 6.69.81
ये तु पूर्वं महात्मानः कुम्भकर्णेन पातिताः।ते स्वस्था वानरश्रेष्ठाः सुग्रीवमुपतस्थिरे॥
ye tu pūrvaṃ mahātmānaḥ kumbhakarṇena pātitāḥ |te svasthā vānaraśreṣṭhāḥ sugrīvamupatasthire ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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