वाल्मीकि रामायण 6.74.7
तावुभौ युगपद्वीरौ हनुमद्राक्षसोत्तमौ।उल्काहस्तौ तदा रात्रौ रणशीर्षे विचेरतुः॥
tāvubhau yugapadvīrau hanumadrākṣasottamau |ulkāhastau tadā rātrau raṇaśīrṣe viceratuḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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