वाल्मीकि रामायण 6.76.46
अङ्गदो मातुलौ दृष्ट्वा पतितौ तु महाबलौ।अभिदुद्राव वेगेन कुम्भमद्युतकार्मुकम्॥
aṅgado mātulau dṛṣṭvā patitau tu mahābalau |abhidudrāva vegena kumbhamadyutakārmukam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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