वाल्मीकि रामायण 6.79.15
बहुना ऽत्र किमुक्तेन शृणु राम वचो मम।पश्यन्तु सकला लोकास्त्वां मां चैव रणाजिरे॥
bahunā 'tra kimuktena śṛṇu rāma vaco mama |paśyantu sakalā lokāstvāṃ māṃ caiva raṇājire ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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