वाल्मीकि रामायण 6.8.20
सर्वे भवन्तस् तिष्ठन्तु महाराजेन सम्गताः ।अहम् एको हनिष्यामि राघवम् सह लक्ष्मणम्॥
sarve bhavantas tiṣṭhantu mahārājena samgatāḥ |aham eko haniṣyāmi rāghavam saha lakṣmaṇam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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