वाल्मीकि रामायण 6.8.21
सुग्रीवम् सहनूमन्तम् सर्वाम्श्चैवात्र वानरान् ।ततो वज्रहनुर्नाम राक्षसः पर्वतोपमः॥
sugrīvam sahanūmantam sarvāmścaivātra vānarān |tato vajrahanurnāma rākṣasaḥ parvatopamaḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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