वाल्मीकि रामायण 6.82.20
सस्कन्धविटपैः सालैः शिलाभिश्च महाबलः।हनुमान् कदनं चक्रे रक्षसां भीमकर्मणाम्॥
saskandhaviṭapaiḥ sālaiḥ śilābhiśca mahābalaḥ |hanumān kadanaṃ cakre rakṣasāṃ bhīmakarmaṇām ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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