वाल्मीकि रामायण 6.83.39
हर्षः कामश्च दर्पश्च धर्मः क्रोधः शमो दमः।अर्थादेतानि सर्वाणि प्रवर्तन्ते नराधिप॥
harṣaḥ kāmaśca darpaśca dharmaḥ krodhaḥ śamo damaḥ |arthādetāni sarvāṇi pravartante narādhipa ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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