वाल्मीकि रामायण 6.86.16
स भीमकार्मुकधरः कालमेघसमप्रभः।रक्तास्यनयनः क्रुद्धो बभौ मृत्युरिवान्तकः॥
sa bhīmakārmukadharaḥ kālameghasamaprabhaḥ |raktāsyanayanaḥ kruddho babhau mṛtyurivāntakaḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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