वाल्मीकि रामायण 6.95.3
निहतानि शरैस्तीक्ष्णैस्तप्तकाञ्चनभूषणैः।रावणेन प्रयुक्तानि रामेणाक्लिष्टकर्मणा॥
nihatāni śaraistīkṣṇaistaptakāñcanabhūṣaṇaiḥ |rāvaṇena prayuktāni rāmeṇākliṣṭakarmaṇā ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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