वाल्मीकि रामायण 6.96.13
अद्य वानरमुख्यानां तानि यूथानि भागशः।धनुषा शरजालेन विधमिष्यामि पत्रिणा॥
adya vānaramukhyānāṃ tāni yūthāni bhāgaśaḥ |dhanuṣā śarajālena vidhamiṣyāmi patriṇā ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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