वाल्मीकि रामायण 6.96.39
अन्तरिक्षात् पपातोल्का निर्घातसमनिस्वना।विनेदुरशिवा गृध्रा वायसैरनुनादिताः॥
antarikṣāt papātolkā nirghātasamanisvanā |vineduraśivā gṛdhrā vāyasairanunāditāḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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