वाल्मीकि रामायण 6.98.4
अस्मिन् काले महाबाहो जयाशा त्वयि मे स्थिता।जहि शत्रुचमूं वीर दर्शयाद्य पराक्रमम्॥
asmin kāle mahābāho jayāśā tvayi me sthitā |jahi śatrucamūṃ vīra darśayādya parākramam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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