वाल्मीकि रामायण 6.98.7
ततः स कदनं चक्रे वानराणां महाबलः।भर्तृवाक्येन तेजस्वी स्वेन वीर्येण चोदितः॥
tataḥ sa kadanaṃ cakre vānarāṇāṃ mahābalaḥ |bhartṛvākyena tejasvī svena vīryeṇa coditaḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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