वाल्मीकि रामायण 6.99.18
तं तैलधौतं विमलं शैलसारमयं दृढम्।राक्षसः परमक्रुद्धो वालिपुत्रे न्यपातयत्॥
taṃ tailadhautaṃ vimalaṃ śailasāramayaṃ dṛḍham |rākṣasaḥ paramakruddho vāliputre nyapātayat ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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