वाल्मीकि रामायण 7.100.23
भूतग्रामाश्च बहवो मांसभक्षाः सुदारुणाः ।गन्धर्वपुत्रमांसानि भोक्तुकामाः सहस्रशः॥
bhūtagrāmāśca bahavo māṃsabhakṣāḥ sudāruṇāḥ |gandharvaputramāṃsāni bhoktukāmāḥ sahasraśaḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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