वाल्मीकि रामायण 7.100.24
सिंहव्याघ्रवराहाणां खेचराणां च पक्षिणाम् ।बहूनि वै सहस्राणि सेनाया ययुरग्रतः॥
siṃhavyāghravarāhāṇāṃ khecarāṇāṃ ca pakṣiṇām |bahūni vai sahasrāṇi senāyā yayuragrataḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें