Loading
वाल्मीकि रामायण 7.110.11
यामिच्छसि महातेजस्तां तनुं प्रविश स्वयम्॥
yāmicchasi mahātejastāṃ tanuṃ praviśa svayam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलेंयामिच्छसि महातेजस्तां तनुं प्रविश स्वयम्॥
yāmicchasi mahātejastāṃ tanuṃ praviśa svayam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें