वाल्मीकि रामायण 7.12.23
वैरोचनस्य दौहित्रीं वज्रज्वालेति नामतः ।तां भार्यां कुम्भकर्णस्य रावणः समकल्पयत्॥
vairocanasya dauhitrīṃ vajrajvāleti nāmataḥ |tāṃ bhāryāṃ kumbhakarṇasya rāvaṇaḥ samakalpayat ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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