वाल्मीकि रामायण 7.15.14
ताडितो माणिभद्रस्य मुकुटे प्राहरद्रणे ।तस्य तेन प्रहारेम मुकुटं पार्श्वमागतम्॥
tāḍito māṇibhadrasya mukuṭe prāharadraṇe |tasya tena prahārema mukuṭaṃ pārśvamāgatam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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