वाल्मीकि रामायण 7.16.16
यस्माद्वानररूपं मामवज्ञाय दशानन ।अशनीपातसङ्काशमपहासं प्रमुक्तवान्॥
yasmādvānararūpaṃ māmavajñāya daśānana |aśanīpātasaṅkāśamapahāsaṃ pramuktavān ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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