वाल्मीकि रामायण 7.16.32
अथ ते मन्त्रिणस्तस्य विक्रोशन्तमथाब्रुवन् ।तोषयस्व महादेवं नीलकण्ठमुमापतिम्॥
atha te mantriṇastasya vikrośantamathābruvan |toṣayasva mahādevaṃ nīlakaṇṭhamumāpatim ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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