वाल्मीकि रामायण 7.16.39
देवता मानुषा यक्षा ये चान्ये जगतीतले ।एवं त्वामभिधास्यन्ति रावणं लोकरावणम्॥
devatā mānuṣā yakṣā ye cānye jagatītale |evaṃ tvāmabhidhāsyanti rāvaṇaṃ lokarāvaṇam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें