वाल्मीकि रामायण 7.17.1
अथ राजन्महाबाहुर्विचरन्स महीतले ।हिमवद्वनमासाद्य परिचक्राम रावणः॥
atha rājanmahābāhurvicaransa mahītale |himavadvanamāsādya paricakrāma rāvaṇaḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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