वाल्मीकि रामायण 7.19.23
तं प्रहस्याब्रवीद्द्रक्ष इक्ष्वाकुं पृथिवीपतिम् ।किमिदानीं फलं प्राप्तं त्वया मां प्रति युद्ध्यता॥
taṃ prahasyābravīddrakṣa ikṣvākuṃ pṛthivīpatim |kimidānīṃ phalaṃ prāptaṃ tvayā māṃ prati yuddhyatā ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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