वाल्मीकि रामायण 7.19.24
त्रैलोक्ये नास्ति यो द्वन्द्वं मम दद्यान्नराधिप ।शङ्के प्रसक्तो भोगेषु न शृणोषि बलं मम॥
trailokye nāsti yo dvandvaṃ mama dadyānnarādhipa |śaṅke prasakto bhogeṣu na śṛṇoṣi balaṃ mama ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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