Loading
वाल्मीकि रामायण 7.2.14
तृणबिन्दोस्तु राजर्षेस्तनया न शृणोति तत्॥
tṛṇabindostu rājarṣestanayā na śṛṇoti tat ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलेंतृणबिन्दोस्तु राजर्षेस्तनया न शृणोति तत्॥
tṛṇabindostu rājarṣestanayā na śṛṇoti tat ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें