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वाल्मीकि रामायण 7.23.19
तं विजित्य मुहूर्तेन जघ्ने दैत्यांश्चतुःशतम्॥
taṃ vijitya muhūrtena jaghne daityāṃścatuḥśatam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलेंतं विजित्य मुहूर्तेन जघ्ने दैत्यांश्चतुःशतम्॥
taṃ vijitya muhūrtena jaghne daityāṃścatuḥśatam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें