वाल्मीकि रामायण 7.23.29
ते तु वीर्यगुणोपेता बलैः परिवृताः स्वकैः ।युङ्क्त्वा रथान्कामगमानुद्यद्भास्वरवर्चसः॥
te tu vīryaguṇopetā balaiḥ parivṛtāḥ svakaiḥ |yuṅktvā rathānkāmagamānudyadbhāsvaravarcasaḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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