वाल्मीकि रामायण 7.23.34
महादासीत्ततस्तेषां तुल्यं स्थानमवाप्य तत् ।आकाशयुद्धं तुमुलं देवदानवयोरिव॥
mahādāsīttatasteṣāṃ tulyaṃ sthānamavāpya tat |ākāśayuddhaṃ tumulaṃ devadānavayoriva ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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