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वाल्मीकि रामायण 7.23.50
तानब्रवीत्ततो रक्षो वरुणाय निवेद्यताम्॥
tānabravīttato rakṣo varuṇāya nivedyatām ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलेंतानब्रवीत्ततो रक्षो वरुणाय निवेद्यताम्॥
tānabravīttato rakṣo varuṇāya nivedyatām ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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