वाल्मीकि रामायण 7.23.7
ते तु सर्वे सुविक्रान्ता दैतेया बलशालिनः ।नानाप्रहरणास्तत्र प्रहृष्टा युद्धदुर्मदाः॥
te tu sarve suvikrāntā daiteyā balaśālinaḥ |nānāpraharaṇāstatra prahṛṣṭā yuddhadurmadāḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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